Feb 28, 2016

उ . प्र . का जंगल राज

उ . प्र . का जंगल राज


15 मार्च 2016 को अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल के चार वर्ष पूरे हो जाएंगे | उसके समर्थक सरकार की उपलब्धियों में महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिक तौर पर गिनाते हैं | इस सिलसिले में मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस विभाग और वीमन हेल्‍प लाइन यानी 1090 को पूरा ज़िम्मा दिए जाने का उल्लेख किया जाता है | लेकिन अमलन हुआ क्या , इस पर ध्यान नहीं दिया जाता है | प्रदेश में महिला सुरक्षा कैसी है , इसे जानने - समझने से पहले इस सिलसिले में एक ' समाजवादी विचार ' अवश्य सुन लेना चाहिए | समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बढ़ते बलात्कार की समस्या पर कुछ समय पहले यह ' प्रवचन ' दिया था कि ' लड़कों से गलती हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया जाए। ' देखते ही देखते अपराधियों ने 27 मई 2014 को बदायूं में दो बच्चियों की बलात्कार के बाद हत्या कर उन्हें पेड़ से लटका दिया ।
इसके बाद से तो राजधानी ही नहीं, प्रदेश भर में मासूम बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार और नृशंस हत्या का मानो सैलाब ही आ गया। सबसे हैरतनाक और लोमहर्षक हादसा तो 16-17 जुलाई 2014 को हुआ , जब एक युवती की नंगी लाश राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के एक सरकारी स्कूल में मिली, जहां एक बड़े बिल्‍डर की कालोनी बन रही थी। लाश खून से सनी हुई थी | बताया जाता है कि इस हादसे में कम से कम छह लोगों ने बलात्कार करके उसकी नृशंस हत्या की थी, लेकिन पुलिस ने, यह जानते हुए भी इस बेहद नृशंस हत्याकांड में कई लोग लिप्त हैं , केवल एक गार्ड को फंसा दिया, जिसका भूमिका केवल उस युवती को मौके पर लाने की थी।
इसके बाद 22 अक्तूबर 14 को पारा में गैंगरेप के बाद एक युवती को मौत के घाट उतार दिया गया | उसकी भी लाश नंगी हालत में मिली थी। दो फरवरी15 को लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में गौरी नाम की एक लड़की के दर्जनों टुकड़े कई स्‍थानों पर बरामद हुए। फिर 17 मई 15 को पारा के ही काशीराम कालोनी में एक बक्से में एक युवती की लाश बरामद हुई। 25 जून-15 को अलीगंज के केंद्रीय विद्यालय की बाउंड्री पर एक युवती की लाश बोरे में बरामद हुई। इस लाश पर विद्रूप करने के लिए हत्यारों ने उस पर तेजाब भी डाल दिया था। 27 जून 15 गैंगरेप के बाद पीजीआई इलाके में ही एक युवती की हत्‍या कर दी गयी। चार दिसंबर 15 को पूरा ट्रांस गोमती इलाका उस हादसे से दहल गया, जब मडि़याहूं में दो युवतियों की लाशें बरामद हुईं। इन लाशों में सिर्फ धड़ ही मिला था, जबकि इन लाशों का सिर लापता था।
पिछले दिनों दस दिन में तो प्रदेश में दस साल की बच्चियों को बलात्कार के बाद जान से मार दिया गया। इनकी हत्याओं के लिए जो तरीका अपनाया गया, वह अमानवीय है जिसे देख कर रोंगटे खड़े हो गये। अगले ही दिन यानी पांच दिसंबर 15 को बंथरा में बीए की एक छात्रा की नंगी लाश खेत में बरामद हुई। बदायूं में एक बंंजारा लड़की को बलात्कार के बाद अपराधियों ने बड़े ही निर्मम ढंग से मौत के घाट उतार दिया। जौनपुर के मडि़याहूं में भी यही हुआ, जहां अपनी मां के साथ एक पारिवारिक समारोह में गयी एक बच्ची की बलात्कार के बाद हत्‍या कर दी गयी। बलिया, मैनपुरी, हैदरगढ़ में भी यही हुआ। लेकिन हैरत की बात रही कि ऐसी किसी भी घटना में इन इलाकों के किसी भी विधायक-मंत्री ने मौके पर पहुंचने का कष्ट नहीं उठाया, सिवाय कांग्रेस की रीता बहुगुणा के। मडि़याहूं के नागरिकों ने पूर्वांचल विश्‍वविद्यालय के स्थानीय कालेज के शिक्षक अनुराग मिश्र अपने साथियों के साथ लगातार इस मसले पर बाकायदा आंदोलन छेड़े हुए हैं।
महिला - अत्याचार का सिलसिला अभी थमा नहीं है | लखनऊ जू यानी अजायबघर के ठीक पीछे और मुख्‍यमंत्री आवास के घर से चंद दूर एक स्कूली बच्ची की नंगी लाश गत 16 फ़रवरी 16 को बरामद हुई है। इसका पता तब पता चला, जब करीब सुबह साढे दस के करीब लोहिया पथ से गुजर रहे राहगीरों ने इस इलाके में चील-कौवों को मंडराते देखा। जहां पर लाश मिली है, वहां से समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो का आवास और कार्यालय ही नहीं, बल्कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का आवास बस चंद कदम दूर है। इतना ही नहीं, प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा‍ दिलाने के लिए बनी वीमन हेल्‍प लाइन 1090 के मुख्यालय से बमुश्किलन दो सौ मीटर है | बताया जाता है कि उन्नति विश्वकर्मा के माँ बाप लखनऊ के जानकीपुरम थाने पर 10 फरवरी से बिटिया की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने थाने के चक्कर काटते रहे और दरिन्दों ने बिटिया की हत्या कर डीजीपी आवास के पीछे नाले में फेंक दिया। थाने के एस. ओ. एस. एन. एस. यादव जी केवल मामले को टरकाते रहे और बिटिया की लाश पाँच दिन तक नाले में सड़ती रही।
ये तो उत्तर प्रदेश के ' जंगल राज ' की कुछ झलकियाँ भर हैं | सही सूरतेहाल यह है कि पूरा प्रदेश क़ानून - व्यवस्था की दृष्टि से गंभीर संकट के दौर से गुज़र रहा है | प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव भी होनेवाले हैं | फिर भी लगता है कि अखिलेश सरकार का इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है | अखिलेश सरकार को चाहिए कि बलात्कार जैसी घटनाएं रोकने के लिए महिला को प्रताड़ित करनेवालों को अमलन कड़ी सज़ा देने के साथ कामुक - अश्लील साहित्य के साथ ब्लू व अश्लील फिल्मों एवं टीवी चैनलों द्वारा फैलाई जा रही अश्लीलता पर भी प्रभावी रोक लगाए | अब तक किसी भी सरकार ने इस ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया है , मानो अश्लीलता को खुली छूट मिली हुई हो | आजकल टीआरपी बढ़ाने के लिए सब कुछ दिखाया जाता है , जिसका समाज पर बुरा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है | सामाजिक संगठनों को चाहिए कि लोगों में महिला - सम्मान की मानसिकता विकसित करने हेतु ज़ोरदार अभियान चलायें , जिसमें धार्मिक साहित्य का भी इस्तेमाल करें | इस सिलसिले में इस्लाम की शिक्षाएं बड़ी कारगर भूमिका निभा सकती हैं |

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मैं अपना क्या परिचय कराऊं ... आप इतना जान लीजिए कि कुछ लिखता रहता हूँ , इस संकल्प एवं आकांक्षा के साथ कि किंचित मेरे विचार समाजोपयोगी - मानवोपयोगी बन सकें | इस क्रम में '' साहित्य मन '' आपके समक्ष है , जो एक प्रयास है खट्टे - मीठे अनुभवों की आवयविक समग्रता का , वेदना - समवेदना , अनुभूतियों और अनुभवों को बाँटने का ... यह भी कह सकते हैं कि '' साहित्य मन '' आत्म - अन्वेषण की प्रक्रिया है , आत्मशोधन का पड़ाव है , जिसका उद्देश्य किसी पर भी आघात एवं आलोचनात्मक प्रहार करना तथा किसी को भी नीचा दिखाना नहीं है | साथ ही साहित्य - प्रवाह को अवरुद्ध करना भी नहीं है | मैं अपने बारे में यह बताता चलूं कि मैं लगभग 32 वर्षों से पत्रकारिता और साहित्य की सेवा में संलग्न हूँ | प्रतिदिन कुआँ खोदता और पानी पीता हूँ , जिस पर मुझे सायास गर्व है | --- सबको यथायोग्य अभिवादन के साथ ----- आपका अपना ही ------------ [ डॉ .] मुहम्मद अहमद [ 19 दिसंबर 2013]

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