Oct 24, 2015

रईस मेकरानी का बड़ा कारनामा

रईस मेकरानी का बड़ा कारनामा

‘' पढो अपने पालनहार का नाम लेकर, जिसने पैदा किया। पैदा किया इंसान को एक लोथड़े से। पढ़ और तेरा पालनहार बड़ा ही उदार है, जिसने ज्ञान सिखाया, कलम के द्वारा, ज्ञान दिया इंसान को उस चीज का जिसको वह नहीं जानता था ’’ (कुरआन 96 :1-5) | हजरत मुहम्मद (सल्ल0) की पवित्र शिक्षाएं भी इस्लाम मे शिक्षा और ज्ञानार्जन के महत्व को उभारती हैं | कैस बिन कसीर कहते हैं कि एक बार मै हजरत अबू दरदा [ रज़ि .] के साथ दमिश्क की मस्जिद मे बैठा था कि इतने में एक आदमी आया और कहने लगा, ऐ अबू दरदा! मैं मदीनें से आपके पास इसलिए आया हूॅ कि मुझे खबर मिली है कि आप मुहम्मद (सल्ल0) की हदीस बयान करते हैं। हज़रत अबू दरदा ने फरमाया, मैने अल्लाह के रसूल (सल्ल0) से सुना हैं, आप [ सल्ल . ] ने फ़रमाया , ‘‘जो व्यक्ति शिक्षा प्राप्त करने के लिए रास्ता तय करके आगे बढ़ता हैं। उसके रास्ते मे फरिश्ते पर बिछाते हैं और र्इश्वर उसके रास्ते को आसान कर देता हैं ’’ ( अबू दाऊद , तिरमिज़ी ) 
एक अन्य हदीस में है - हजरत अनस (रजि0) से रिवायत हैं कि अल्लाह के रसूल (सल्ल0) फरमाया , ‘‘ जो व्यक्ति शिक्षा प्राप्त करने के लिए निकलता हैं वह अल्लाह के रास्ते में हैं, यहॉ तक कि वापस आ जाए ’’ [ तिरमिज़ी ] | इन्हीं शिक्षाओं के अनुपालन से ही मुसलमानों ने सदैव ज्ञान - विज्ञानं के क्षेत्र में महत्तम योगदान किया है और आज भी कर रहे हैं |
मध्यप्रदेश के सागर निवासी कार मेकेनिक मुहम्मद रईस मेकरानी एक बड़े आविष्कार के लिए चर्चाओं का केन्द्र बने हुए हैं। उन्होंने अविष्कार किया है एक ऐसी कार का जो पेट्रोल या डीजल के बजाय पानी से दौड़ती है। हम जानते हैं कि आपको यह बात बिल्कुल अटपटी लग रही होगी , लेकिन यह पूरी तरह सच है | 44 साल के रईस मेकरानी ने ऐसी कार बनाई है , जो विशुद्ध रूप से पानी से दौड़ती है। पानी के अलावा इसमें कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है।
रईस ने यह कार छह महीने की कड़ी मेहनत से तैयार की है। अपनी खुद की वर्कशाप में उन्होंने खुद इसे तैयार किया है। इस कार की खासियत ययह भी है कि ये पूरी तरह इको फ्रैंडली है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण उनके दिमाग में ऐसी कार बनाने की बात आई जिसके लिए जेब ज्यादा ढीली न करनी पड़े। पानी से चलनेवाली यह कार मात्र दस से बीस पैसे प्रति किलोमीटर की दर से दौड़ती है।असल में रईस ने अपनी एक पुरानी कार के इंजन में बदलाव करके इसे पानी से चलने के लिए तैयार किया है। 
इसके फ्यूल टैंक में पेट्रोल-डीजल की जगह पानी ही डाला जाता है। पानी डालने के बाद इसमें कैल्सियम कार्बाइड का मिश्रण डाला जाता है। पानी और कैल्सियम कार्बाइड के मिश्रण से एसिटीलीन गैस तैयार होती है जो कार में ईंधन का काम करती है। पानी के साथ कैल्सियम कार्बाइड का संपर्क होते ही यह धधकने लगता है, जिसके बाद इसके ढक्कन को बंद कर दिया जाता है।
इसके बाद तेजी से गैस फ्यूल टैंक से होते हुए इंजन तक पहुंचती है।विशेष रूप से तैयार किया गया इंजन एसिटिलीन गैस के संपर्क आते ही काम करना शुरू कर देता है। यह कार दूसरे ईंधन से चलने वाली अन्य कारों की तरह पूरा काम करती है। इसकी रफ्तार देख अच्छे अच्छे चौंक जाते हैं।
आविष्कारक रईस ने बताया कि उनके इस अविष्कार के बाद लोगों को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से आजादी मिलेगी। वे अपने इस अविष्कार का पेटेंट भी करवाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने एक चीनी फर्म से संपर्क भी किया है। उसने इस अविष्कार के प्रति रुचि भी दिखाई है। इसका कारखाना स्‍थापित करने की बात चल रही है |


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मैं अपना क्या परिचय कराऊं ... आप इतना जान लीजिए कि कुछ लिखता रहता हूँ , इस संकल्प एवं आकांक्षा के साथ कि किंचित मेरे विचार समाजोपयोगी - मानवोपयोगी बन सकें | इस क्रम में '' साहित्य मन '' आपके समक्ष है , जो एक प्रयास है खट्टे - मीठे अनुभवों की आवयविक समग्रता का , वेदना - समवेदना , अनुभूतियों और अनुभवों को बाँटने का ... यह भी कह सकते हैं कि '' साहित्य मन '' आत्म - अन्वेषण की प्रक्रिया है , आत्मशोधन का पड़ाव है , जिसका उद्देश्य किसी पर भी आघात एवं आलोचनात्मक प्रहार करना तथा किसी को भी नीचा दिखाना नहीं है | साथ ही साहित्य - प्रवाह को अवरुद्ध करना भी नहीं है | मैं अपने बारे में यह बताता चलूं कि मैं लगभग 32 वर्षों से पत्रकारिता और साहित्य की सेवा में संलग्न हूँ | प्रतिदिन कुआँ खोदता और पानी पीता हूँ , जिस पर मुझे सायास गर्व है | --- सबको यथायोग्य अभिवादन के साथ ----- आपका अपना ही ------------ [ डॉ .] मुहम्मद अहमद [ 19 दिसंबर 2013]

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