Aug 6, 2015

किधर रहा है हमारा देश ?

किधर रहा है हमारा देश ?
डॉ . मुहम्मद अहमद
हिन्दूवादी संगठनों के दबाव में शिवपुरी म . प्र . के खनियांधाना क्षेत्र के बुकर्रा गाँव निवासी तुलाराम जाटव परिवार के 7 सदस्यों ने विगत तीन सितंबर 14 को फिर से हिन्दू धर्म अपना लिया।14 महीने तक मुस्लिम रहने के बाद मनीराम [अब्दुल्लाऔर उसकी पत्नी मखू बाई  ने कहा कि उन्हें स्वतः प्रेरणा हुईजिसके बाद वे फिर से हिन्दू धर्म स्वीकार करने जा रहे हैं। मनीराम के बेटे कासिम केशव ]और इब्राहिम रिंकू ने 10 दिन का समय मांगा है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्हें भी समझा लिया जाएगा। कहा जाता है कि हिंदूवादी संगठनों ने जबरन धर्म परिवर्तन कराया और ' घर वापसी ' नाम दिया इस मामले में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की पक्षपातपूर्ण भूमिका रही |
पुलिस ने तीन सितंबर को ही मनीराम और उनके परिवार के तीन सदस्यों को इस आरोप में गिरफ्तार कर लिया था कि उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सूचित किये बिना इस्लाम धर्म क़बूल किया था इस सिलसिले में इन पर हाल में ही मामला दर्ज किया गया था म . प्र . धर्म स्वतंत्रता अधिनयम 1968 में धर्म परिवर्तन की स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचित करने एवं अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने का प्रावधान है कहते हैं कि मनीराम और तुलाराम आदि ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया था इनके ख़िलाफ़ पुलिस थाने में एफ़ आई आर दर्ज थी |
जब ये अन्य लोगों के साथ तीन सितंबर को धर्म परिवर्तन का शपथपत्र देने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे , तो एस डी ओ पी शिवपुरी एस के एस तोमर और कोतवाली टी आई आर के एस राठौड़ ने इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया इसी दिन जब इन लोगों ने पुनः हिन्दू बनने पर हामी भर दी तो इन्हें रिहा करके टेकरी मन्दिर पहुंचा हिन्दू बनाया गया |
जाटव परिवार की जो महिलाएं थीं , उन्हें भाजपा नेता ओम प्रकाश खटिक ने आदिम जाति कल्याण विभाग के कार्यालय में बंधक बना लिया बाद में इन्हें भी शुद्धिकरण के वास्ते मन्दिर पहुंचाया गया इस पूरे प्रकरण में भाजपा नेता आशुतोष शर्मा और अन्य की भी निंदनीय और अवैधानिक भूमिका रही |    
यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि इन्होंने जो शपथपत्र और एक संयुक्त अनुरोधपत्र कलेक्टर को सौंपा था , उसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया और भारतीय संविधान की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गयीं ! इनमें इन्होंने साफ़ तौर पर लिखा है कि '' हमारा दिल इस्लाम स्वीकार करना चाहता है चूँकि हमें ऐसा पता लगा है कि अपना धर्म परिवर्तन करने में कलेक्टर की अनुमति आवश्यक है , इसलिए हम यह आवेदन पेश कर रहे हैं |हम सभी इस्लाम धर्म अपनाने के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्था ने कोई दबाव , लोभ और लालच नहीं दिया है | .....
फिर कहा गया कि मैं शपथकर्ता बिना नशे के और किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा न तो उकसाया गया है और न ही किसी प्रकार कोई लोभ , लालच आदि दिया गया मैं इस्लाम धर्म की अच्छाइयों को देखते हुए इसे ग्रहण कर रहा / रही हूँ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत यह मेरा मुलभूत अधिकार भी है |''
इस शपथपत्र की नोटरी को कोई वकील तैयार नहीं हुआ जब ये लोग निराश हो गये , तो एक एडवोकेट ने नोटरी कर दी इस मामले में कलेक्टर राजीव चन्द्र दुबे कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं |लेकिन तुलाराम के ताऊ बहुरन और भाई अतर सिंह को मुसलमान बनाने के लिए एक लाख रूपये की पेशकश करने के आरोप ज़रूर लगाये जा रहे हैं , जो पूरी तरह बनावटी और मनगढ़ंत है बताया जाता है कि अब हिन्दूवादियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके साथ अन्याय नहीं होगा , लेकिन इस आश्वासन पर कितने खरे उतरते हैं , आनेवाला समय ही बतायेगा |



About the Author

मैं अपना क्या परिचय कराऊं ... आप इतना जान लीजिए कि कुछ लिखता रहता हूँ , इस संकल्प एवं आकांक्षा के साथ कि किंचित मेरे विचार समाजोपयोगी - मानवोपयोगी बन सकें | इस क्रम में '' साहित्य मन '' आपके समक्ष है , जो एक प्रयास है खट्टे - मीठे अनुभवों की आवयविक समग्रता का , वेदना - समवेदना , अनुभूतियों और अनुभवों को बाँटने का ... यह भी कह सकते हैं कि '' साहित्य मन '' आत्म - अन्वेषण की प्रक्रिया है , आत्मशोधन का पड़ाव है , जिसका उद्देश्य किसी पर भी आघात एवं आलोचनात्मक प्रहार करना तथा किसी को भी नीचा दिखाना नहीं है | साथ ही साहित्य - प्रवाह को अवरुद्ध करना भी नहीं है | मैं अपने बारे में यह बताता चलूं कि मैं लगभग 32 वर्षों से पत्रकारिता और साहित्य की सेवा में संलग्न हूँ | प्रतिदिन कुआँ खोदता और पानी पीता हूँ , जिस पर मुझे सायास गर्व है | --- सबको यथायोग्य अभिवादन के साथ ----- आपका अपना ही ------------ [ डॉ .] मुहम्मद अहमद [ 19 दिसंबर 2013]

0 comments:

Post a Comment