Apr 17, 2015

फिंगर प्रिंट न उभरने से नहीं बन पा रहा आधार

आधार क़ानूनी तौर पर निराधार , फिर भी पकड़ रहा रफ़्तार 

आधार कार्ड को देश की दूसरी महत्वपूर्ण योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को झटका लगा है , क्योंकि देश के कई राज्यों से ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं कि ऐसे उम्रदराज़ लोगों की बड़ी संख्या है , जिनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है , क्योंकि उनके हाथ की लकीरें फोटो में नहीं आ प् रही हैं , अतः उनका आधार कार्ड बनाने से इन्कार कर दिया गया है | सुप्रीमकोर्ट ने अभी हाल में इसकी अनिवार्यता पर रोक लगा दी है | कोर्ट ने गत 17 मार्च को देश में आधार कार्ड को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बतौर पहचान मानने से मना कर दिया है। इतना ही नहीं हर नागरिक को पहचान देने वाला आधार कार्ड बनवाना अब अनिवार्य नहीं है। यह बात खुद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कही है। सरकार ने यह भी कहा है कि आधार कार्ड बनाने का फैसला लोगों की इच्छा पर है। कोर्ट ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया , जिसमें आधार कार्ड को बंद किए जाने की मांग की गई है। इसके पीछे तर्क दिया है कि आधार कार्ड में कई तरह की कमियां हैं। सुप्रीमकोर्ट ने ऐसा ही आदेश 20 13 में दिया था , फिर भी उसे अमलन नहीं मन गया ! दूसरी ओर इसे अनिवार्य ठहराना जारी है ! अभी उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले में मनरेगा में रोज़गार पाने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य किया गया | सुप्रीमकोर्ट के आदेश को ताक़ पर रखकर मतदाता कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का काम ज़ोर - शोर से चल रहा है | ऐसा लगता है कि सरकारें बिना संसद की मंज़ूरी के लूले - लंगड़े आदेश को जिस प्रकार अमली जामा पहनाने में जुटी हैं , उससे कहीं न कहीं संदेह के संदेश उभरते हैं | भाजपा  नेता एवं वर्तमान में हरियाणा में कैबिनेट मंत्री राम बिलास शर्मा ने 26 सितंबर 2013 को अपने फ़ेसबुक पेज पर लिखा था , जिसका शीर्षक था '' 2000 करोड़ का है आधार कार्ड घोटाला, कई गुमनाम कम्पनियों के वारे न्यारे, सब भारतीयों का डाटाबेस बनाकर अमेरिका को सोंपने की तैयारी '' | इस लंबे लेख में उन्होंने कई आपत्तियां की हैं | उन्होंने लिखा कि '' 2000 करोड़ का आधार घोटाला भले ही सबसे बड़ा घोटाला न हो , पर यकीन मानिए सबसे खतरनाक घोटाला यही है क्योंकि इस घोटाले में देश की सुरक्षा के साथ समझोता किया गया है | 1 . अगर आप साधारण बुद्धि का उपयोग करे और सोचे कि जिस कांग्रेस सरकार ने घोटालो का नया इतिहास लिख दिया वह लोगो से आधार कार्ड बनवाने के लिए इतना अनुरोध क्यों कर रही है ? 2 .  जिस कांग्रेस सरकार ने गरीबो को लूटकर आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया उनको आधार कार्ड बनवाने पर सौ रुपये क्यों दे रहे है ? 3 . सोनिया के फोटो के बिना कोई विज्ञापन न देने वाली कांग्रेस क्यों आधार कार्ड के विज्ञापनों पर पानी की तरह पैसा बहा रही है ? 4 . जब पहचान के लिए पहले से इतने साधन उपलब्ध है तो आधार कार्ड की जरुरत क्यों ? 5 .  जिन सेवाओ में आधार कार्ड की जरुरत नहीं उनमे भी आधार कार्ड की बाध्यता क्यों ? 6 .  आखिर क्या कारण है कि सोनिया गाँधी आधार कार्ड प्रोजेक्ट में इतनी रूचि ले रही हैं ? दुदू [राजस्थान ) में 21  करोडवा कार्ड खुद सोनिया गाँधी ने एक समारोह में वितरित किया | अगर आप सोच रहे है कि आधार कार्ड से किसी को क्या नुकसान हो सकता हैं तो एक उदाहरण से आपको समझाता हूँ | निकट भविष्य सभी भारतीयों की पहचान सम्बन्धी जानकारी आधार कार्ड के डाटाबेस में दर्ज होगी | अगर किसी व्यक्ति ने कांग्रेस या बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की तो आधार कार्ड के माध्यम से उसको आसानी से पहचान लिया जाएगा | ..... उसके बाद किसी एक या अधिक व्यक्तियों को जेल में डाल दिया जाएगा या जहर देकर मार दिया जाएगा | [जैसे राजीव दीक्षित जी को मारा था ) कांग्रेस हमेशा से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों और अमेरिका की गुलाम रही है और आधार डाटाबेस को अंततः बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के हाथो में दे देगी | अगर आपने बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के घटिया उत्पादों के खिलाफ आवाज उठायी |तो वे आधार कार्ड के माध्यम से आपकी गतिविधियों पर नजर रख सकती है | ..... अगले चरण में सभी भारतीयों को RFID [रेडियो चिप या आधार कार्ड चिप ] लगायी जाएगी | इसके लिए सरकार द्वारा तरह -तरह के प्रलोभन भी दिए जायेंगे जो जैसे आधार कार्ड के लिए आजकल दिए जा रहे है | यह चिप लगने के बाद आपका छिपना नामुमकिन हो जाएगा | कांग्रेस और सीआईए के एजेंट आपकी स्थिति का सटीक अनुमान लगा लेंगे क्यों कि यह चिप सेटेलाइट से जुडी होगी | इसकी बाद कांग्रेसी गुण्डे और सीआईए एजेंट आपको ढूंढ़कर गोलियों से भून देंगे | इस चिप की साइज गेहूं के दाने बराबर है । लेकिन नेनो टेक्नोलोजी के कारण इसमें बहुत से डिवाइस लगे हैं । कहा जाता है की इसमें एक नेनो बम भी लगाया गया है जो इसे शरीर के अंदर ही तोड देता है, अंदर छिपे साईनाइड को रिलीज कर देता है । जब कोई  पुलिस अधिकारी किसी क्रिमिनल को शूट करना चाहता हो , तो सिस्टम को अक्सेस करके करवा सकता है । ''
 भाजपा नेता जो लंबे समय तक हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष रहे , ने आधार की अन्य खामियां भी गिनाई थीं | भाजपा के दूसरे नेता भी इसके ख़िलाफ़ थे और यह वादा करते थे कि अगर वे सत्ता में आए , तो आधार समाप्त कर देंगे , लेकिन हुआ इसके विपरीत | सत्ता में आते ही इसको और रफ़्तार दे दिया गया ! हरियाणा में भाजपा की खट्टर सरकार अब गायों तक को आधार जैसा कार्ड जारी क्र रही है , जिस पर कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कार्डिनल बेसलियोस क्लीमिस ने कहा है कि इंसानों की भी फ़िक्र करें ! गौरतलब है कि आधार कार्ड का प्रस्ताव भाजपा ने ही तत्कालीन यूपीए सरकार के समक्ष रखा था , जिसे मनमोहन सिंह सरकार ने मान लिया था और जनता के लिए अनावश्यक रूप से मुश्किलें पैदा की थीं | आज भी भाजपा नीत केन्द्रीय शासनकाल में आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते मतदाताओं को मतदाता सूची के साथ ही अन्य लाभकारी सरकारी योजनाओं से वंचित होने का डर उन्हें सताने लगा है। उल्लेखनीय है कि मतदाता पहचान पत्र  से पहले गैस कनेक्शन की कैश सब्सीडी को लेकर बैंकों के खातों को आधार कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना में भी आधार कार्ड की अनिवार्यता सुनिश्चित की गई।यही कारण है कि उम्रदराज लोग फिंगर प्रिन्ट के न आने से आधार कार्ड की सुविधा से वंचित हैं और सभी को डर सताने लगा है कि कहीं वोट देने समेत अन्य अधिकारों और सुविधाओं से वंचित न हो जाएं। बहराइच के मोहल्ला बख्शीपुरा निवासी पं. बागीश पाल ने बताया कि मतदाता परिचय पत्र  के लिये फॉर्म भरकर फिंगर प्रिंट देने गए तो मशीन पर फिंगर प्रिंट ही नहीं आया और उनको बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस मोहल्ले के ही बड़ी संख्या में 65 से 85 वर्ष के उम्र के लोग आधार कार्ड की सुविधा से वंचित हैं। इसके अलावा मोहल्ला मीराखेलपुरा निवासी सेना से रिटायर्ड बनवारी लाल (65) ने बताया कि फॉर्म भरकर आधार कार्ड बनवाने का उपक्रम किया तो फिंगर प्रिंट न आने की बात कहकर कैंप से लौटा दिया गया। यही हाल उनकी मां फूलमती (85) के साथ भी हुआ। इतना ही नहीं, नगर समेत समूचे जिले में बड़ी संख्या में उम्रदराज लोग फिंगर प्रिंट के न आने से आधार कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित हैं। यह परेशानी उत्तर प्रदेश में ही नहीं, दूसरे राज्यों में भी सामने आ रही है। आधार कार्ड बनाने के लिए फिंगर प्रिंट और आंखों की पुतलियों की भी स्कैनिंग की जाती है। उम्रदराज लोगों के हाथ घिस जाने की वजह से फ्रिंगर प्रिंट नहीं आ पा रहे हैं। ताज्जुब और चिंता की बात यह भी है कि मोदी सरकार का कार्यकाल एक वर्ष पूरा होनेवाला है . लेकिन आधार कार्ड को क़ानूनी रूप देने के लिए अभी तक संसद में विधेयक तक नहीं लाया गया है ! 

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मैं अपना क्या परिचय कराऊं ... आप इतना जान लीजिए कि कुछ लिखता रहता हूँ , इस संकल्प एवं आकांक्षा के साथ कि किंचित मेरे विचार समाजोपयोगी - मानवोपयोगी बन सकें | इस क्रम में '' साहित्य मन '' आपके समक्ष है , जो एक प्रयास है खट्टे - मीठे अनुभवों की आवयविक समग्रता का , वेदना - समवेदना , अनुभूतियों और अनुभवों को बाँटने का ... यह भी कह सकते हैं कि '' साहित्य मन '' आत्म - अन्वेषण की प्रक्रिया है , आत्मशोधन का पड़ाव है , जिसका उद्देश्य किसी पर भी आघात एवं आलोचनात्मक प्रहार करना तथा किसी को भी नीचा दिखाना नहीं है | साथ ही साहित्य - प्रवाह को अवरुद्ध करना भी नहीं है | मैं अपने बारे में यह बताता चलूं कि मैं लगभग 32 वर्षों से पत्रकारिता और साहित्य की सेवा में संलग्न हूँ | प्रतिदिन कुआँ खोदता और पानी पीता हूँ , जिस पर मुझे सायास गर्व है | --- सबको यथायोग्य अभिवादन के साथ ----- आपका अपना ही ------------ [ डॉ .] मुहम्मद अहमद [ 19 दिसंबर 2013]

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